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मनीष हत्याकांड, पहला मामला नही है । बीते चार साल में कई ऐसे मामले सामने आए जब पुलिस पर हत्या के आरोप लगे हैं।

मनीष हत्याकांड, पहला मामला नही है । बीते चार साल में कई ऐसे मामले सामने आए जब पुलिस पर हत्या के आरोप लगे हैं।

मनीष हत्याकांड :- गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की मौत से यूपी पुलिस की कार्य शैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मनीष गुप्ता के शरीर पर चार जगह चोट के निशान मिले हैं। नुकीले धारदार हथियार से शरीर पर जख्म थे। मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर तीन पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मीनाक्षी से कानपुर में मुलाकात की है। उन्होंने सरकारी नौकरी, आर्थिक मदद और सीबीआई जांच की मांगें मान ली हैं।

मनीष हत्याकांड, यूपी का पहला मामला नहीं है जिससे सरकार और पुलिस दोनों की कार्य शैली पर सवाल उठे। बीते साढ़े चार साल में कई ऐसे मामले सामने आए जब पुलिस पर हत्या के आरोप लगे हैं।

पढ़िए 6 मामले जिनमें पुलिस की किरकिरी हुई

जौनपुर में युवक की हत्या पर सीबीआई जांच

मनीष हत्याकांड, पहला मामला नही है । बीते चार साल में कई ऐसे मामले सामने आए जब पुलिस पर हत्या के आरोप लगे हैं।

कृष्णा के घर पहुंचकर सपा के सीनियर लीडर राम गोविंद चौधरी ने श्रद्धांजलि दी थी।

जौनपुर जिले में बक्शा थाना क्षेत्र के चकमिर्जापुर निवासी कृष्णा यादव उर्फ पुजारी (25) की 11 फरवरी की रात थाने में पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि रात में तलाशी के दौरान बक्शे का ताला तोड़ 60 हजार रुपए व जेवरात पुलिस उठा ले गई थी। मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसी कड़ी में मंगलवार को भी सीबीआई के अधिकारी रत्नेश मिश्र बक्शा थाने के सिपाही के साथ कृष्णा के घर पहुंचे थे। इस मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर बीते 21 सितंबर को जांच करने मौके पर गई थी।

आंबेडकरनगर में जियाउद्दीन की मौत

आंबेडकरनगर नगर में आजमगढ़ के जियाउद्दीन की पुलिस कस्टडी में मौत मामले में स्वाट प्रभारी और सिपाहियों के खिलाफ हत्या और अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई थी। 27 मार्च को स्वाट टीम आजमगढ़ जनपद से जियाउद्दीन को लेकर आई थी। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से युवक की मौत हो गई। पुलिस को जैतपुर थानाक्षेत्र में हुई एक लूट के सिलसिले में जियाउद्दीन पर शक था। इसी को लेकर स्वाट टीम ने उसे गुरुवार की रात उठाया था। बाद में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में अब तक सिर्फ सात पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।

जियाउद्दीन की मौत प्रकरण में सात पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।

उन्नाव में 18 साल के युवक की पुलिस की पिटाई से मौत
22 मई को कोरोना कर्फ्यू के दौरान ठेले पर आलू बेच रहे सब्जी विक्रेता को पुलिस पकड़कर कोतवाली ले गई थी। वहां अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। पुलिस आनन-फानन उसे लेकर सीएचसी पहुंची जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। सब्जी विक्रेता की मौत से आक्रोशित परिजनों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते हुए सीएचसी में हंगामा शुरू कर दिया था। तत्कालीन एएसपी शशि शेखर सिंह ने बांगरमऊ थाने के दो सिपाहियों और एक होमगार्ड के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके उन्हें सस्पेंड कर दिया था।

सुल्तानपुर में लॉकप में मौत

3 जून को कुड़वार थाना परिसर के पुलिस लॉकप में कुड़वार थाना क्षेत्र के परसीपुर निवासी राजेश कोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले पर पुलिस अधीक्षक ने लापरवाह थानाध्यक्ष अरविंद पांडे, एसआई शास्त्रजीत प्रसाद और मुख्य आरक्षी बृजेश सिंह को निलंबित कर दिया था। जबकि थानाध्यक्ष अरविंद पांडे पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

मनीष हत्याकांड, पहला मामला नही है । बीते चार साल में कई ऐसे मामले सामने आए जब पुलिस पर हत्या के आरोप लगे हैं।
लखनऊ में विवेक तिवारी को सिपाही ने मार दी थी गोली

विवेक तिवारी के हत्यारोपी संदीप को जमानत मिल चुकी है।

एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर (नॉर्थ) व न्यू हैदराबाद निवासी विवेक तिवारी को 28/29 सितंबर 2018 की रात डेढ़ बजे गोमतीनगर विस्तार में सरयू अपार्टमेंट के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी सिपाहियों का कहना था कि विवेक को कार से उतरने के लिए कहा गया तो उन्होंने बाइक में टक्कर मार दी।

सिपाही प्रशांत ने पिस्टल तानकर चेतावनी दी तो उसे कुचलने का प्रयास किया। एसआईटी ने अपनी जांच में प्रशांत को हत्या और संदीप को मारपीट का आरोपी बनाया था। चार्जशीट दाखिल होते ही संदीप को जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गया था।

झांसी में पुष्पेंद्र को थानाध्यक्ष ने मार दी थी गोली
मनीष हत्याकांड, पहला मामला नही है । बीते चार साल में कई ऐसे मामले सामने आए जब पुलिस पर हत्या के आरोप लगे हैं।
पुष्पेंद्र यादव के एनकाउंटर को विपक्षी दलों और परिवार ने फेक बताया था।

अक्टूबर 2019 में पुष्पेंद्र पर पुलिस ने आरोप लगाया था कि रात वह मोठ थाने के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान पर हमला करने के बाद उनकी कार लूटकर भाग रहा था। जिसके चलते अगली सुबह पुलिस ने पुष्पेंद्र यादव को गुरसराय थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ में कथित तौर पर मार दिया था। पुलिस के मुताबिक उसके 2 साथी भाग निकले थे। पुलिस के अनुसार पुष्पेंद्र की कार से दो तमंचे कारतूस और मोबाइल भी बरामद किए गए। बाद में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे हत्या करार देते हुए परिजनों से भी मुलाकात की थी।

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