Lucknow STF ने किया एक और गिरोह का पर्दाफाश

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Lucknow STF

Lucknow STF की टीम ने बाइक बोट घोटाले की तरह एक और स्कैम का पर्दाफाश किया है। निवेशकों से अरबों रुपए की ठग कर चुकी टैक्सी बाइक कम्पनी हेलो राइड के दो एजेंटों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर 24 व 15 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था।

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के मुताबिक काफी समय से मल्टीलेवल मार्केटिंग के माध्यम से जनता से अरबों रुपए की ठगी करने वाले गैंग के बारें में जानकारी मिल रही थी। एसटीएफ की साइबर टीम को जालसाजों को पकड़ने के लिए लगाया गया था।

टीम को सूचना मिली कि नाम की कंपनी में प्रतापगढ़ के रहने वाले रामजनक मौर्या और उन्नाव के रहने वाले देवेश कुमार यादव ने लगभग 40 करोड़ रुपए इनवेस्ट कराए थे। दोनों एजेंट रुपए जमा कराने के बाद से फरार चल रहे थे। वे आज लखनऊ आए हुए हैं। इसपर टीम ने दोनों को भरवारा रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया।

ठगी करने के लिए बनाते थे एक के बाद एक नई कंपनी

Lucknow STF के पूछताछ में देवेश यादव ने बताया कि 2018 में रियल स्टेट कम्पनी में सस्ते प्लाट देने के नाम पर किस्त के रूप में लोगों से रुपए जमा कराना शुरू कर दिया। इस कम्पनी के डायरेक्टर अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, आजम सिद्दीकी व शकील अहमद खान थे। अभय कुशवाहा ने 2018 में कंपनी बनाई जिसमें निखिल कुशवाहा, अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, आजम सिद्दीकी डायरेक्टर थे।

लखनऊ में बैठकर करते थे ठगी

इसका आफिस साइबर हाइट्स विभूति खंड में 8वें फ्लोर पर था। यह कम्पनी बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर ग्राहकों से 61,000 रुपए जमा करने के बदले हर महीने 9582 रुपए, जबकि साल के (114984) देने का लालच देकर रुपए जमा कराती थी। कंपनी में रुपए जमा करने के लिए 7 टीमें बनाई गई थी। इन टीमों में लगभग 1500 लोग करते थे। सात टीमों में बाहुबली ग्रुप का अध्यक्ष वह था। इन सातों टीमों के प्रेसिडेंट अपनी टीमों के माध्यम से रुपए जमा करते थे जिसका उनको लगभग 15 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।

200 लोगों की बना रखी थी टीम

देवेश की टीम में लगभग 200 लोग काम करते थे। इस टीम के माध्यम से लगभग 500 लोगों से 20 करोड़ रुपए इन कम्पनियों जमा कराये। जिसका लगभग 1 करोड़ 80 लाख कमीशन मिला था। देवेश अब अपनी रियल स्टेट कम्पनी इलाइट विवान प्रालि बनाकर लोगों से सस्ते प्लाट दिलाने का लालच देकर रुपए जमा करा रहा था। रामजनक मौर्या बादशाहो ग्रुप को लीड करता था।

उसकी टीम ने भी इन कम्पनियों में लगभग 18 करोड रुपए जमा कराए थे, जिसका 1.6 करोड़ रुपए कमीशन मिला था। लेकिन अभय कुशवाहा मार्च 2019 में इन कम्पनियां बंद करके फरार हो गया।

किसानों को भी लगाया चूना

इसके बाद इन कंपनियों पर सैकड़ों मुकदमें दर्ज हो गए तो इससे जुड़े लोग भी फरार हो गए। बाद रामजनक ने फिश फार्चुन नाम की कम्पनी बनाकर उसमें मत्स्य पालन के नाम पर लोगों से 5.5 लाख प्रति तालाब जमा कराने लगा। करीब 100 तालाबों के नाम पर पैसे जमा करवाकर सैकड़ों किसानों को ठग लिया।

इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

रामजनक मौर्या मौर्य निवासी ग्राम नगर थाना आसपुर देवसरा जनपद प्रतापगढ़। हाल पता ए 1001 एडब्लूएचओ सेक्टर 06 वृन्दावन योजना लखनऊ।

देवेश कुमार यादव उर्फ बाहुबली, भगवंत नगर जनपद उन्नाव। हाल पता प्लाट 85.86 विकास बिहार ग्रीन सिटी छोटा भरवारा लखनऊ।

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