GST Council: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में कमी के बावजूद हमारे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत कम नहीं होती। ग्राहक पेट्रोल व डीजल के बेस प्राइस यानी एक्स फैक्टरी का लगभग तीन गुना ज्यादा देते हैं।

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आसमान छुआ हुआ है। आम लोग और विपक्ष इसका विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उच्च टैक्स की वजह से देश में तेल की कीमत अधिक है। इसके मद्देनजर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 45वीं बैठक में पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के सुझाव पर चर्चा कर सकती हैं।

इतना सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल


अनुमान लगाए जा रहे हैं कि पेट्रोल के जीएसटी के दायरे में आने पर यह 28 रुपये और डीजल 25 रुपये तक सस्ता हो सकता है। फिलहाल देश में कई शहरों में पेट्रोल 110 और डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पार है। GST Council

मालूम हो कि एक जुलाई 2017 को जब जीएसटी लागू हुआ था तो केंद्र व राज्य सरकारों ने अपने राजस्व के मद्देनजर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा था। इस पर केंद्र सरकार व राज्य सरकारें अपने-अपने यहां अलग-अलग कर लगाती हैं और उससे आने वाला पैसा सरकारी खजाने में जाता है।

पेट्रोल-डीजल पर कितना लगता है टैक्स?


आज दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 101.19 रुपये और डीजल की कीमत 88.62 रुपये प्रति लीटर है। इधर आपके लिए ये जानना जरूरी है कि इस कीमत में से आधे से ज्यादा पैसा कंपनियों के पास नहीं, बल्कि टैक्स के रूप में केंद्र और राज्य सरकार के पास जाता है। 

17 सितंबर को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत


बेस प्राइस/एक्स फैक्ट्री कीमत 40.78 रुपये
फ्रेट (ढुलाई खर्च) 0.32 रुपये
एक्साइज ड्यूटी 32.90 रुपये
डीलर का कमीशन 3.84 रुपये
VAT (डीलर के कमीशन के साथ) 23.35 रुपये
आपके लिए दाम 101.19 रुपये
17 सितंबर को दिल्ली में डीजल की कीमत
 
बेस प्राइस/एक्स फैक्ट्री कीमत 40.97 रुपये
फ्रेट (ढुलाई खर्च) 0.30 रुपये
एक्साइज ड्यूटी 31.80 रुपये
डीलर का कमीशन 2.59 रुपये
VAT (डीलर के कमीशन के साथ) 12.96 रुपये
आपके लिए दाम 88.62 रुपये

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