कांग्रेस MP रवनीत बिट्टू बोले- आंदोलन में खालिस्तानी झंडों के साथ उपद्रवी तत्व मौजूद

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नई दिल्ली. पंजाब के लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर कथित तौर हुई झड़प पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हम किसी के खिलाफ भी कोई एक्शन नहीं लेने जा रहे हैं. किसान आंदोलन अभी जारी है. उन्होंने कहा, “किसान नेताओं की ओर से बुलाई गई एक मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए मैं गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही कुछ लोगों ने गुरिल्ला की तरह मुझ पर डंडे और हथियारों के साथ हमला बोल दिया.” बिट्टू ने कहा कि पहले से ही इस बात को उठा रहा हूं. किसान आंदोलन में खालिस्तानी झंडों के साथ उपद्रवी तत्व मौजूद हैं, लेकिन किसान नेता उन लोगों की पहचान के लिए क्या कर सकते हैं? उपद्रवी लोगों को किसान आंदोलन स्थल पर खालिस्तानी झंडा लहराने और फहराने के लिए 1 करोड़ से 80 लाख तक के ऑफर दिए जा रहे हैं. बता दें कि रविवार को सिंघु बॉर्डर पर कुछ लोगों ने बिट्टू के साथ हाथापाई करने की कोशिश की और उन्हें अपमानजनक शब्द कहे.

बता दें कि महाराष्ट्र के 21 जिलों से हजारों की संख्या में किसान मुंबई के लिए कूच कर गए हैं. इसी क्रम में केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों (New Farm Law) के खिलाफ सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन करने के लिए नासिक से किसानों की एक बड़ी संख्या पैदल मार्च कर रही है. ये किसान 180 किमी पैदल चलकर आजाद मैदान पहुंचेंगे और सोमवार को प्रदर्शन में शामिल होंगे. महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार में साझेदार राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार के प्रदर्शन में हिस्सा लेने की उम्मीद है. ANI की ओर से जारी किए गए विजुअल में ऑल इंडिया किसान सभा के बैनर तले दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में किसानों का विशाल जनसमूह पैदल मार्च करता हुआ दिखाई पड़ता है, जिनके हाथों में झंडे और बैनर दिखाई पड़ते हैं. किसानों का ये विजुअल नासिक और मुंबई के बीच कसारा घाट का है.

ऑल इंडिया किसान सभा के बैनर तले छोटे-छोटे किसान संगठनों का विशाल जन समूह कुछ ही घंटों में मुंबई पहुंचेगा. दो हफ्ते पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दिल्ली बॉर्डर सहित देश के तमाम हिस्सों में कड़ाके की सर्दी में प्रदर्शन कर रहे किसानों का जिक्र करते हुए सरकार को चेताया था कि अगर किसानों की नहीं सुनी गई तो केंद्र को इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना होगा. पिछले महीने पवार ने एक बयान जारी करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार को किसानों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए. नासिक के किसानों का मार्च उस समय हो रहा है, जब दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान किया है. दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से गुजरने वाली इस ट्रैक्टर रैली में हजारों की संख्या में ट्रैक्टरों के शामिल होने की उम्मीद है. पंजाब और हरियाणा के किसान बड़ी संख्या में अपने वाहनों के साथ दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हुए हैं. ट्रैक्टर रैली दिल्ली के रिंग रोड पर होगी और दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए अनुमति दे दी है.
किसान संगठनों ने शनिवार को बताया था कि दिल्ली पुलिस की ओर से उन्हें ट्रैक्टर परेड के लिए अनुमति मिल गई है. हालांकि अभी उन्हें लिखित रूप से रूट की अनुमति का इंतजार है.

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